gauher gazalkar

रविवार, 20 मार्च 2016

Jab kabhi teri yaad aati hai

प्रस्तुतकर्ता SADRE ALAM GAUHER पर 8:36 am कोई टिप्पणी नहीं:
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लेबल: Dil md ik dard sa uthati hai Bhoolna chahta hun jab tumko Aur deewana hibanTi hai
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SADRE ALAM GAUHER
सदरे आलम ’गौहर’सदरे आलम "गौहर" व्याख्याता:-एस.एम.जे.कालेज खाजेडीह, ग्राम पो:- पुरसौलिया.मधुबनी दाम एतय सभ चीजक देब' पड़ै छै। अधिकारक लेल झग्गड़ क'र' पड़ै छै। गज भरि जमीन जौँ कौरव नहि देब' चाहै। पाँडव के फेर लोहा लेब' पड़ै छै। कर्बला केर खिस्सा त' दुनिया जानै छै। धर्मक खातिर शीश कटाब' पड़ै छै। झग्गड़ झँझट मानलौँ नीक नहि होइ छै मुदा। जीब' खातिर ईहो क'र' पड़ै छै। "गौहर" साधु ब'न' लए चाहैत अछि मुदा। दुर्जन केँ जे पाठ पढ़ाब' पड़ै छै।
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